Pitru Paksha 2025: पितरों की कृपा के ये 6 दिव्य संकेत बदल देंगे आपकी किस्मत, जीवन से हर दुख होगा समाप्त
September 5, 2025 | by ar.priyankamalpani@gmail.com
Pitru Paksha 2025: पितरों की कृपा के ये 6 दिव्य संकेत बदल देंगे आपकी किस्मत, जीवन से हर दुख होगा समाप्त!
Pitru Paksha 2025 में पितरों की कृपा के ये 6 दिव्य संकेत आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं। जानें कैसे ये शुभ लक्षण दुख-दर्द दूर कर सुख, समृद्धि और खुशहाली का मार्ग खोलते हैं।
जीवन से हर दुख होगा समाप्त
Pitru Paksha 2025: पितरों की कृपा के ये 6 दिव्य संकेत बदल देंगे आपकी किस्मत, जीवन से हर दुख होगा समाप्त
Pitru Paksha 2025 इस साल 7 सितम्बर से शुरू होकर 21 सितम्बर तक मनाया जाएगा। इस पवित्र काल में अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान पितर धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पितर प्रसन्न होते हैं तो वे कुछ विशेष शुभ संकेत देते हैं, जो जीवन में सुख-समृद्धि और उन्नति का मार्ग खोलते हैं। आइए जानते हैं वे 6 शुभ संकेत कौन से हैं।
1. मुरझाए पौधों का फिर से खिल जाना
यदि पितृपक्ष में घर के मुरझाए हुए फूल या पौधे अचानक से हरे-भरे होकर खिल उठें, तो यह पितरों की कृपा का विशेष संकेत है। इसका अर्थ है कि आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव और तरक्की का मार्ग खुलने वाला है।
2. सपने में पितरों का नजर आना
यदि आपको सपनों में पितर दिखाई दें और वे प्रसन्न मुद्रा में हों, तो यह बहुत ही शुभ संकेत है। यह दर्शाता है कि वे आपसे प्रसन्न हैं और आपके जीवन की रुकावटें दूर होने वाली हैं। ऐसे समय में विशेष तर्पण और हवन करना लाभकारी माना जाता है।
3. घर में काली चींटियों का आना
पितृपक्ष में घर में काली चींटियों का आना शुभ माना जाता है। यह संकेत है कि पितरों का आशीर्वाद आपके घर-परिवार पर बना हुआ है। ऐसी स्थिति में उन्हें भोजन (आटा या शक्कर) देना बेहद फलदायी होता है।
4. कौए का छत या आंगन पर बैठना
कौआ यमराज का दूत माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान यदि कौआ घर की छत, आंगन या खिड़की पर आकर कांव-कांव करे, तो यह संकेत है कि आपके पितर प्रसन्न हैं और वे आपको शुभ संदेश देना चाहते हैं।
5. किसी जरुरतमंद का भोजन मांगना
यदि पितृपक्ष में कोई गरीब, भूखा या जरूरतमंद व्यक्ति आपसे भोजन या अन्नदान की प्रार्थना करता है, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है। यह माना जाता है कि पितर उस व्यक्ति के माध्यम से संदेश भेजते हैं। ऐसे में अन्नदान करने से पितरों की कृपा कई गुना बढ़ जाती है।
6. जानवर का आपका भोजन ग्रहण करना
यदि कोई पशु जैसे गाय, कुत्ता, बिल्ली या अन्य जानवर आपके द्वारा रखा गया भोजन सप्रेम ग्रहण करता है, तो यह भी शुभ संकेत है। यह दर्शाता है कि पितर आपके जीवन में खुशहाली और उन्नति का आशीर्वाद दे रहे हैं।
निष्कर्ष
Pitru Paksha 2025 पितरों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद पाने का पवित्र समय है। यदि आपको ये दिव्य संकेत दिखाई देते हैं, तो समझ लीजिए कि आपके पितर आपसे प्रसन्न हैं और जीवन से दुख-दर्द दूर होने वाले हैं। इस दौरान श्रद्धा से तर्पण, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सेवा करने से पितरों की कृपा और भी गहरी हो जाती है।
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FAQ – Pitru Paksha 2025
1. पितृपक्ष 2025 कब से कब तक है?
उत्तर: पितृपक्ष 2025 की शुरुआत 7 सितम्बर से होगी और यह 21सितम्बर चलेगा। इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और दान करना शुभ माना जाता है।
2. पितृपक्ष में शुभ संकेत क्या होते हैं?
उत्तर: पितरों की कृपा के शुभ संकेतों में शामिल हैं –
- मुरझाए पौधों का फिर से खिलना
- सपनों में पितरों का खुश नजर आना
- घर में काली चींटियों का आना
- कौए का आंगन या छत पर बैठना
- किसी जरूरतमंद का भोजन मांगना
- किसी जानवर का आपका भोजन ग्रहण करना
3. क्या पितृपक्ष में कोई शुभ कार्य किया जा सकता है?
उत्तर: पितृपक्ष के दौरान विवाह, गृहप्रवेश या अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस समय केवल पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान करना ही शुभ होता है।
4. पितरों को प्रसन्न करने के उपाय क्या हैं?
उत्तर: पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण करें, गरीबों को भोजन कराएं, अन्नदान करें और जरूरतमंदों की सेवा करें। साथ ही पौधारोपण और पशु-पक्षियों को भोजन कराना भी पितरों को प्रसन्न करता है।
5. पितृपक्ष में कौए का आना क्यों शुभ माना जाता है?
उत्तर: कौए को यमराज का दूत और पितरों का प्रतीक माना जाता है। पितृपक्ष में यदि कौआ घर में आकर कांव-कांव करे तो यह पितरों के प्रसन्न होने का संकेत है।
6. क्या सपने में पितरों का आना शुभ होता है?
उत्तर: हाँ, यदि पितर सपने में प्रसन्न और आशीर्वाद देते हुए दिखें तो यह अत्यंत शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि पितर आपसे प्रसन्न हैं और आपके जीवन से दुख-दर्द दूर होने वाले हैं
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