Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष के दौरान जरूर करें ये 10 सरल उपाय, पितर हो जाएंगे प्रसन्न !
September 4, 2025 | by ar.priyankamalpani@gmail.com
जानें पितृ पक्ष 2025 में किए जाने वाले 10 सरल और प्रभावी उपाय, जिनसे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर सुख-समृद्धि की कृपा बरसती है।
Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष के दौरान जरूर करें ये 10 सरल उपाय, पितर हो जाएंगे प्रसन्न !
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को अत्यंत पवित्र और श्रद्धा से जुड़ा हुआ समय माना गया है। इस दौरान लोग अपने पितरों (पूर्वजों) को स्मरण करते हैं और उनका तर्पण, पिंडदान एवं श्राद्ध करके उनकी आत्मा की शांति और आशीर्वाद की कामना करते हैं।
इस वर्ष पितृ पक्ष 7 सितम्बर 2025 से प्रारंभ होकर 21 सितम्बर 2025 तक मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य से पूर्वज प्रसन्न होकर संतानों को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद देते हैं।
पितृ पक्ष 2025 में जरूर करें ये 10 उपाय
1. तर्पण और पिंडदान
श्रद्धापूर्वक तर्पण और पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार से पितृ दोष दूर होता है।
2. पंचबलि कर्म
श्राद्ध पक्ष में देव, पीपल, गाय, कुत्ते और कौवे को अन्न-जल अर्पित करें। इसके साथ ही चींटियों और मछलियों को भोजन खिलाना भी शुभ माना जाता है।
3. विशेष दान
पितृ पक्ष में 10 प्रकार के दान देने की परंपरा है – जूते-चप्पल, वस्त्र, छाता, काला तिल, घी, गुड़, धान्य, नमक, चांदी-स्वर्ण और गौभूमि।
यदि संभव न हो तो आटा, नमक, घी, गुड़ और शक्कर का दान अवश्य करें।
4. ब्राह्मण भोजन
श्राद्ध के दिन ब्राह्मणों को पेट भर भोजन कराकर दक्षिणा दें। यह पितरों को तृप्त करने का सबसे श्रेष्ठ उपाय माना गया है।
5. दीपदान
पितरों के नाम पर प्रतिदिन दीपक जलाएं। इसे दक्षिण दिशा में या पीपल वृक्ष के नीचे जलाना अत्यंत फलदायी है। आप 2, 5, 11 या 16 दीपक भी जला सकते हैं।
6. गीता पाठ
श्राद्ध पक्ष में श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें। विशेषकर दूसरे और सातवें अध्याय का पाठ आत्माओं को मुक्ति का मार्ग दिखाता है।
7. धूप और मंत्रजप
गुड़ और घी से बनी सुगंधित धूप जलाकर “ॐ पितृदेवताभ्यो नमः” मंत्र का जप करें। इससे वातावरण शुद्ध होता है और पितरों की कृपा मिलती है।
8. देवताओं और पितृ पूजन
इस काल में भगवान विष्णु के साथ यमराज, चित्रगुप्त, अश्विनी कुमार और अन्य दिव्य पितृ देवताओं की पूजा करें।
9. सर्वपितृ अमावस्या
इस दिन और्ध्वदैहिक संस्कार, पिंडदान, तर्पण, सपिण्डीकरण आदि करना विशेष महत्व रखता है। यह पितरों की आत्मा की शांति और संतोष के लिए किया जाता है।
10. परिवारिक दान
परिवार के सभी सदस्यों से समान मात्रा में सिक्के लेकर उन्हें मंदिर में दान करें। इसे सर्वश्रेष्ठ पितृ उपाय माना गया है।
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